अमेरिका ने बताया कब तक पूरा हो जाएगा दक्षिण गाजा में इजरायल का अभियान, साथ ही दे दी कड़ी चेतावनी

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तेल अवीव: इजरायल की सेना ने उत्तरी गाजा के ज्यादातर हिस्से पर नियंत्रण के बाद दक्षिण गाजा पर हमले तेज किए हैं। अमेरिका का मानना है कि इजरायल जनवरी तक दक्षिणी गाजा में बड़े पैमाने पर नियंत्रण हासिल करते हुए अपना सैन्य अभियान को खत्म कर लेगा। इसके बाद आगे के चरण में पूरी तरह से हमास के कमांडरों को निशाना बनाते हुए हमले किए जा सकते हैं। इस फेज में इजरायल कम आक्रामकता के साथ ज्यादा लक्षित रणनीति अपनाएगा। साथ ही अमेरिका इजरायल के सैन्य अभियान के तरीके से चिंतित भी है।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, बाइडेन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि युद्ध के दक्षिण गाजा में पहुंचने के बाद व्हाइट हाउस इस बात को लेकर काफी चिंतित है कि अगले कई हफ्तों में इजरायल की कार्रवाई कैसे आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने एक कड़ी बातचीत में इजरायल को चेतावनी दी है कि उसकी सेना उत्तर में इस्तेमाल की जाने वाली विनाशकारी रणनीति को दोहरा नहीं सकती है। उसे नागरिक पर हमलों की संख्या को सीमित करने के लिए और अधिक प्रयास करना चाहिए।

दुनिया के रुख पर अमेरिका चिंतित
अमेरिका ने इजरायल को बताया है कि दुनियाभर उसके जमीनी सैन्य अभियान के खिलाफ राय बना रही है, जिसमें हजारों नागरिक मारे गए हैं। इजरायल के पास ऑपरेशन जारी रखने और अंतरराष्ट्रीय समर्थन बनाए रखने के लिए जो समय था, वह तेजी से कम हो रहा है। बाइडेन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इजरायल से नागरिकों की मौतों को रोकने के लिए और अधिक प्रयास करने का आह्वान किया है। वे इजरायल की सीधे तौर पर निंदा करने से बचने में सावधानी बरत रहे हैं। वह इजरायल को चुपचाप पर्दे के पीछे से सलाह देना अधिक प्रभावी मान रहे हैं।
अमेरिका के रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने हाल ही में इजरायल को सार्वजनिक तौर पर भी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह रणनीतिक तौर पर जंग को हार सकता है। लॉयड ने कहा कि केवल नागरिकों की रक्षा करके शहरी युद्ध में जीता जा सकता है। अगर इजरायल नागरिकों की मौतों को रोकने के लिए और अधिक प्रयास नहीं करता है, तो उसकी सामरिक जीत के रणनीतिक हार में बदलने का खतरा है। बता दें कि इजरायल के हमलों में गाजा पट्टी में 15 हजार से ज्या मौतें हुई हैं, मरने वालों में करीब आधे बच्चे हैं। जिस पर दुनिया के कई देश इजरायल की आक्रामकता की आलोचना कर रहे हैं।

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