गुलजार ने उतरवा दिया था हेमा मालिनी का विग, पहनने को दी थी सिंपल साड़ी! बेटी का ये रूप देख मां थीं नाखुश

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80-90 के दशक की बेहद खूबसूरत बॉलीवुड एक्ट्रेस हेमा मालिनी आज भी जहीन और हसीन हैं। वो किसी ना किसी कारण अक्सर चर्चा में रहती हैं। वो हाल ही में मुंबई में गुलजार की ऑथोराइज्ड बायोग्राफी के लॉन्च इवेंट में शामिल हुईं। यहां पर उन्होंने गुलजार के साथ काम करने के अपने एक्सपीरियंस को याद किया और किस्से शेयर किए। हेमा ने 1975 की फिल्म ‘खुशबू’ में गुलजार के साथ काम किया था। इस फिल्म में गुलजार ने उन्हें नॉन-ग्लैमरस रोल के लिए कास्ट किया था। हेमा भी उस समय कुछ अलग करना चाहती थी, वरना वो बहुत ही ग्लैमरस एक्ट्रेस हुआ करती थीं।

 
75 साल की Hema Malini ने याद करते हुए कहा कि उन दिनों हीरोइनें अपने हेयर स्टाइल और बेहद लाउड मेकअप के लिए जानी जाती थीं, लेकिन गुलजार नहीं चाहते थे कि उनकी हीरोइन ऐसी दिखें। वो बोलीं, ‘उन दिनों हम बड़े हेयरस्टाइल किया करते थे। हम भारी विग पहनते थे। जब मैं उनसे सेट पर आई तो उन्होंने सबसे पहले बात जो बात कही, वो था ‘नहीं’। वो बोले ‘आप जैसी हैं, वैसी ही नैचुरल रहिए। कोई विग नहीं, कुछ भी नहीं।’
 

कम मेकअप देख भड़क गई थीं हेमा की मां

हेमा ने आगे बताया कि जब उनकी मां उनके साथ मेकअप रूम में गईं तो उन्हें एक और झटका लगा। उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘जब मैं मेकअप रूम में गई तो मैंने वो साड़ी देखी जो मैं पहनने जा रही थी। ये एक सिंपल साड़ी थी, जिसके साथ ब्लाउज भी मैच नहीं कर रहा था। मैं इसे पहनकर बहुत खुश थी, लेकिन मेरी मां का कहना था कि इसे (कैरेक्टर) को और ज्यादा ग्लैमरस होना चाहिए था। उन्होंने तुरंत उस लुक को नकार दिया। ये भी बोला कि मेकअप बहुत कम है।’

गुलजार ने कहा- तुम्हें कहां जाना है?

एक्ट्रेस ने बोला कि थोड़ा तालमेल बिठाना मुश्किल था, लेकिन मजा आया। उन्हें कैमरे के सामने तेजी से बोलने की आदत थी, गुलजार जी को धीमा और स्पष्ट रूप से बोलने की आदत थी। ‘वो पूछते थे, ‘तुम्हें कहां जाना है?’ फिर मैं कहती थी, ‘मुझे दूसरी शूटिंग के लिए जाना है।’ वो कहते थे, ‘शूट बाद में होगी, तुम पहले यहां धीरे से बोले। मेरे लिए अपनी स्पीड कम करना मुश्किल था।’

हेमा की इस हरकत के कारण होते थे कई टेक

हेमा ने ये भी बताया कि डांसर होने के नाते वो अक्सर अपने इमोशंस को जाहिर करने के लिए आंखों के एक्सप्रेशंस का इस्तेमाल करती थीं, लेकिन ऐसा करने पर उन्हें आइब्रो काफी हिलानी पड़ती थी। गुलजार ऐसा नहीं चाहते थे, इसलिए वो उनसे तब तक टेक देने के लिए कहते, जब तक कि वो सही ना हो जाएं। उन्होंने कहा, ‘वो कहते थे कि तुम्हारी आइब्रो नाच रही है। तब मैं खुद पर कंट्रोल करके बोलती।’

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