‘बहादुर’ पाकिस्‍तान हमें इजरायल से बचा लो… हमास ने जिन्‍ना के देश को चने की झाड़ पर चढ़ाया, मानेंगे मुनीर?

24
0

इस्लामाबाद: गाजा पट्टी में इजरायली सेना के भीषण हमलों का सामना कर रहे हमास ने पाकिस्तान से मदद मांगी है। हमास की राजनीतिक शाखा के चीफ इस्माइल हानिया ने कहा कि पाकिस्तान एक बहादुर देश है। उसको इजरायल की ओर से गाजा में हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए। हानिया ने कहा कि गाजा में जिस तरह से आम लोगों पर बम बरसाए जा रहे हैं, वो किसी से छुपा नहीं है। अस्पतालों पर बम गिर रहे हैं और दुनिया चुपचाप इजरायल के अत्याचार को बैठकर देख रही है लेकिन हमें पाकिस्तान से इसमें दखल की उम्मीदे हैं क्योंकि ये बहादुर और धर्म के लिए लड़ने वाले लोगों की जमीन है।

इस्लामाबाद में बुधवार को ‘अल-अक्सा मस्जिद की पवित्रता और मुस्लिम उम्मा की जिम्मेदारी’ शीर्षक से राष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मजलिस इत्तेहाद-ए-उम्मा पाकिस्तान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हानिया ने पाकिस्तान से गाजा में हस्तक्षेप की गुजारिश की है। हानिया ने कहा कि पाकिस्तान एक बड़ी सैन्य ताकत है और अगर वह इजरायल के सामने खड़ा होता है तो चीजें बदल जाएंगी। पाकिस्तान से प्रतिरोध का सामना करना पड़ा तो इजरायल गाजा में क्रूरता बंद कर सकता है। हमास की इस बात पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर कितना ध्यान देंगे, ये देखने वाली बात होगी।

फिलीस्तीन के लोगों को पाकिस्तान से बहुत उम्मीद: इस्माइल

हानिया ने अपने भाषण में कहा कि फिलीस्तीन के लोगों की पाकिस्तान से बहुत अपेक्षाएं हैं। लोगों को उम्मीद है कि पाकिस्तान की ताकत इस संघर्ष को रोक सकती है। उन्होंने कहा हमास इस समय इजरायल के सबसे उन्नत हथियारों का मुकाबला कर रहा है लेकिन फिर भी वह दृढ़ संकल्प के साथ लड़ रहा है। हानिया ने कहा कि यहूदी कहीं भी मुस्लिमों को नहीं देख सकते हैं। यहूदी दुनिया भर में मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन हैं। इजरायल भी मुस्लिमों को अपना दुश्मन मानता है।

हानिया ने कहा कि इजरायल लगातार अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करता रहा है। फिलिस्तीनियों की गिरफ्तारी और धार्मिक स्थलों को अपवित्र करने जैसी इजरायल की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन थी। हानिया ने फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर कब्जे में वृद्धि और ओस्लो समझौते के कार्यान्वयन न होने पर भी निराशा जाहिर की। हनिया ने इस्लामिक देशों और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने से फिलिस्तीनी मुद्दे को गंभीर नुकसान होने की बात भी कही है। हानिया ने मुस्लिम देशों से इजरायल के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here