मैहर विधायक नारायण ने खोला सतना सांसद के खिलाफ मोर्चा,बोले- वक्त है अभी सुधर जाएं वरना बंद हो जाएगा मैहर में घुसना,मैं न होता तो 2013 में ही निपट जाते

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सतना।चुनावी वर्ष में भाजपा के अंदर मची खलबली के बीच नेताओं में जुबानी जंग तेज हो गई है। अपने तल्ख तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले मैहर के भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने वर्षो से चल रहे शीत युद्ध के बीच आखिर इस बार सतना सांसद गणेश सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल ही दिया है। विधायक नारायण ने सांसद गणेश को खरी – खरी सुनाते हुए राजनैतिक प्रोटोकॉल का पालन करने और घमंड छोड़ने की नसीहत देते हुए चेतावनी दे डाली है कि अगर न सुधरे तो सांसद का मैहर में घुसना बंद हो सकता है। उन्होंने यह कहने में भी कत्तई गुरेज नहीं किया कि ऐसे ही राक्षसों के लिए वे राजनीति में आए हैं।

दरअसल,ये मामला मैहर सिविल अस्पताल में आगम एवं निर्गम द्वार तथा ट्रामा सेंटर के लोकार्पण से जुड़ा है। इन विकास कार्यों का लोकार्पण विधायक नारायण त्रिपाठी ने 18 जून रविवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर किया। इस कार्यक्रम में सांसद की करीबी और मैहर नगर पालिका की अध्यक्ष गीता सोनी,उनके सांसद प्रतिनिधि पति संतोष सोनी समेत तमाम लोग मौजूद थे।

कार्यक्रम के मंच से विधायक ने सांसद गणेश सिंह पर लोकार्पण रोकने की कोशिश के आरोप लगाए और कहा कि सांसद हर काम मे टांग अड़ाने का प्रयास करते हैं। जब लोकार्पण की सभी तैयारियां पूरी हो गईं और हम वहां पहुंचे तो सांसद ने अधिकारियों को फोन पर कहा कि इन कार्यों का लोकार्पण मंत्री करेंगे। लेकिन कब कौन मंत्री करेंगे यह नहीं बताया।

विधायक ने इसी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब ये काम हमारे प्रयास से हमारे विधानसभा क्षेत्र में हो रहे हैं तो उसके भूमि पूजन,लोकार्पण पर निर्णय लेने वाले सांसद कौन होते हैं? विधायको का भी प्रोटोकॉल होता है। राज्य शासन की योजना और पैसे से होने वाले कार्यों का शिलान्यास,भूमि पूजन,लोकार्पण विधायक करते हैं।लेकिन किसी भी विधायक का क्षेत्र हो सांसद वहां टेढ़े मेढ़े चलते हुए छाती फुला कर पहुंच जाते हैं। कोई विधायक भूमिपूजन – लोकार्पण नहीं कर सकता जबकि ये उसका अधिकार है,प्रोटोकॉल है।

कार्यक्रम के मंच पर बिफरे विधायक नारायण ने कहा कि सांसद गणेश सिंह ने चार बार के अपने कार्यकाल में केंद्र सरकार की किसी महत्वपूर्ण योजना का लाभ मैहर को नहीं दिलाया। मैं चुनौती देता हूं कि कोई भी मैहर में उनका एक काम खोज लाए, मैं उसे सम्मानित करूंगा। उन्होंने सतना मेडिकल कॉलेज के मामले में भी सांसद को निशाने पर लेटे हुए कहा कि वो मेडिकल सतना के पूर्व विधायक शंकरलाल तिवारी की देन है। हम उनके साथ सीएम से मिलने- मांग करने गए थे।

विधायक नारायण ने कहा घमंड तो रावण का भी चूर हो गया था,फिर ये तो कुछ नहीं हैं। अगर सुधार नहीं हुआ तो इसका खामियाजा आने वाले समय मे चुनाव में,पूरी भाजपा को भोगना पड़ेगा। इसलिए अभी समय है,सांसद घमंड छोड़ दें और सुधर जाएं। विधायक ने कहा कि हमारे कामों में भूमिपूजन- लोकार्पण कर सांसद भाषण देते है और राजनैतिक नौटंकियां करते हैं। मैं बोलता नहीं,मौन रहता हूं लेकिन आप लोग निश्चिंत रहें, डरने की किसी को जरूरत नहीं है,ऐसे ही राक्षसों का विनाश करने के लिए मैं राजनीति में आया हूं। उन्होंने कहा सांसद का बर्ताव बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है। इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे और सुधार न हुआ तो सांसद का मैहर में प्रवेश बंद कर देंगे।

अपने कर्मो से नहीं बने चार बार सांसद-

विधायक नारायण त्रिपाठी ने सांसद गणेश सिंह पर बोले गए सीधे जुबानी हमले में सिर्फ उन्हें दायरा बता कर नसीहत ही नहीं दी बल्कि ये भी कहा कि गणेश सिंह चार बार सांसद अपने कर्मो से नहीं बने है। भाजपा का कुछ दौर ही ऐसा था। तीसरी बार तो हमारे कारण सांसद बने वरना ये जो लूट कर साम्राज्य खड़ा किया गया है वह खड़ा न होता।

बता दें कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के गणेश सिंह और कांग्रेस के अजय सिंह राहुल के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था। उस वक्त नारायण कांग्रेस से विधायक थे। उन्होंने ऐन वक्त पर भाजपा प्रत्याशी गणेश सिंह का समर्थन कर दिया था जिसके बाद सतना की चुनावी फिजा ही बदल गई थी और अजय सिंह राहुल को हार का सामना करना पड़ा था। बाद में नारायण ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और 2016 के उपचुनाव में वे भाजपा से विधायक चुने गए। मगर इस बीच गणेश सिंह और नारायण त्रिपाठी के बीच शीतयुद्ध भी शुरू हो गया जो अब इस मोड़ पर आ पहुंचा है।

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