रोहित रेप केस में गया जेल तो नितिन है फौज का ‘दगाबाज’, गहरी है गोगामेड़ी के हत्यारोपियों की क्राइम फाइल

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जयपुर : राजधानी जयपुर में हुए सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड के आरोपी तीसरे दिन भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। हमलावरों के बारे में पुलिस को पूरी जानकारी मिल चुकी है। दोनों हमलावरों की पहचान हत्याकांड के कुछ ही देर बाद कर ली गई। बावजूद इसके पुलिस हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। दोनों हमलावरों के नाम रोहित सिंह राठौड़ और नितिन फौजी बताए गए हैं। रोहित नागौर जिले के मकराना के पास स्थित जूसरी गांव का रहने वाला है। वहीं नितिन फौजी हरियाणा के महेंद्रगढ़ का रहने वाला है। दोनों हमलावरों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है। रोहित राठौड़ रेप केस में जेल जा चुका है तो नितिन फौज से भागा हुआ है। दोनों ही हमलावरों के बारे में सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं।

नागौर का है पहला हमलावर रोहित राठौड़

सुखदेव सिंह हत्याकांड के दिन मंगलवार 5 दिसंबर को पुलिस की ओर से सीसीटीवी फुटेज जारी किया गया। इसी के आधार पर दोनों हमलावरों की पहचान की गई। एक हमलावर नागौर जिले के मकराना स्थित जूसरी गांव निवासी रोहित राठौड़ है। रोहित के पिता गिरधारी सिंह पहले आर्मी में थे। उनका पूरा परिवार करीब 30 साल पहले ही जयपुर में शिफ्ट हो गया। रोहित के पिता का निधन हो चुका है। रोहित की एक बहन है जिसकी शादी सैन्य परिवार में हुई है और रोहित अभी तक अविवाहित है। गांव में उनका पुराना मकान हैं जहां कोई नहीं रहता है। कभी कभार गांव में कोई शादी विवाह के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रोहित वहां जाता रहा है।

नाबालिग से रेप केस में जेल जा चुका है रोहित

गोगामेड़ी पर फायरिंग करने वाले रोहित राठौड़ के खिलाफ जयपुर में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है। वह नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप में जेल भी जा चुका है। रोहित का गांव जूसरी मकराना थाने में आता है लेकिन मकराना में उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। रोहित के गांव के लोगों का कहना है कि वो देखने में सीधा लड़का लगता है। किसी को इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा कि एक साधारण सा लड़का इतने बड़े हत्याकांड को अंजाम दे सकता है। पुलिस ने रोहित के परिजनों, कुछ नजदीकी रिश्तेदारों और परिचितों को हिरासत में लिया है। उनसे रोहित के बारे में पूछताछ की जा रही है।

दूसरा हमलावर नितिन ‘भगोड़ा’ फौजी

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड का दूसरा हमलावर नितिन फौजी, हरियाणा के महेंद्रगढ़ स्थित दौंगडा जाट गांव का रहने वाला है। उसने 2019 में आर्मी ज्वाइन की थी। उसका भाई विकास भी फौजी है। दोनों की पोस्टिंग अलवर में थी। 8 नवंबर 2023 को नितिन दो दिन की छुट्टी लेकर अपने गांव गया था। 10 नवंबर को महेंद्रगढ़ के सदर थाने में हत्या के प्रयास का एक मुकदमा दर्ज हुआ जिसमें नितिन का भी नाम था। उस केस में 3 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं लेकिन नितिन फरार है। फरारी के कारण वह फौज की ड्यूटी ज्वाइन करने भी नहीं गया।

जिस दिन सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की गई तो रोहित और नितिन ठीक उनके सामने सोफे पर बैठे थे। वहीं नवीन, गोगामेड़ी के बायीं ओर सोफे पर बैठा था। रोहित और नितिन ने अचानक फायरिंग शुरू की। पहली गोली सुखदेव सिंह गोगामेड़ी और दूसरी गोली नवीन सिंह को मारी गई। यह समझ से परे है कि हमलावरों ने अपने साथ आए नवीन को क्यों मारा। नवीन ही दोनों को लेकर गोगामेड़ी के घर पहुंचा था। इसके बावजूद भी हमलावरों ने उसकी हत्या कर दी। लोगों का कहना है कि हमलावरों ने नवीन सिंह शेखावत को मोहरा बनाया। किसी काम की डील के बहाने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी से मिलने आए और फिर उनकी हत्या कर दी। पुलिस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर रही है।

हमलावरों के साथी नवीन की भूमिका स्पष्ट नहीं

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले दो हमलावरों के साथ तीसरा युवक नवीन सिंह शेखावत भी था। नवीन जयपुर के पास शाहपुरा का रहने वाला था और कपड़े का व्यापार करता था। नवीन ने कुछ दिन पहले वैशाली नगर स्थित एक कार रेंटल कंपनी से बोलेरो गाड़ी किराए पर ली थी। उसी गाड़ी में सवार होकर तीनों सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के घर पहुंचे थे। नवीन ने अपने मोबाइल से गोगामेड़ी की किसी व्यक्ति से बात कराई थी।

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