Home व्यापार

वाराणसी में बनेगा देश का दूसरा रिवर सीएनजी टर्मिनल, इन लोगों को होगा बड़ा फायदा

33
0

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi) में हुई सीएनजी बोट रैली (CNG Boat Rally) खत्म हो गई है। काशी के नमो घाट पर इस रैली का आयोजन पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने किया था। यहां केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी (Hardeep Puri) ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश का दूसरा रिवर सीएनजी टर्मिनल (CNG Terminal) काशी में बनेगा। यह गंगा किनारे रविदास घाट पर बनेगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार से जमीन सहित दूसरी औपचारिकताएं पूरी होते ही पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से कार्य शुरू कर दिया जाएगा। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक 2023 का आयोजन होना है। यह भारत के जी-20 की अध्यक्षता के दौरान बेंगलुरु में 6-8 फरवरी 2023 तक “ग्रोथ, कोलैबोरेशन, ट्रांजिशन” विषय के अंतर्गत किया जा रहा है।

वाराणसी में सीएनजी से तब्दील हुईं 580 नावें

उन्होंने कहा कि लोगों को ऊर्जा और सीएनजी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से वाराणसी में सीएनजी बोट रैली का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर और वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध घाटों के जीर्णोद्धार और विकास जैसे अभूतपूर्व प्रयास महत्वपूर्ण हैं। पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री की चाह थी कि वाराणसी में नाव डीजल की जगह सीएनजी से चले। उन्होंने कहा, ‘आज बताते हुई खुशी हो रही है कि वाराणसी में 580 नावें सीएनजी में तब्दील हो गई है। डीजल की तुलना में सीएनजी अधिक कुशल ईंधन होने के कारण नाविकों को काफी बचत होती है। सीएनजी डीजल की तुलना में 18 फीसदी ज्यादा माइलेज देती है। नाविक समुदाय ने इसका उपयोग कर अधिक रुपये की बचत की है।’

जल्द ग्रीन हाइड्रोजन से चलेगी नाव

पुरी ने कहा, ‘वाराणसी में नाव अभी सीएनजी से चल रही हैं। वो समय जल्द आएगा, जब यहां की नाव ग्रीन हाइड्रोजन से चलती दिखेगी।’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में विश्वगुरु बनने की दहलीज पर खड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन की बदौलत आजादी के 100वें वर्ष में इसके 26 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है। भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए और साल 2070 तक जीरो कार्बन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए चार-आयामी रणनीति के माध्यम से कार्य कर रहा है।

एक करोड़ से ज्यादा हुए पीएनजी कनेक्शन

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएनजी (घरेलू) कनेक्शन 2014 में 22.28 लाख से बढ़कर 2022 में 1 करोड़ से अधिक हो गए हैं। सीजीडी कवर जिलों की संख्या 2014 में 66 से नौ गुना से अधिक बढ़कर 2022 में 630 हो गई है। भारत में सीएनजी स्टेशनों की संख्या 2014 में 783 से बढ़कर 2022 में 4900 हो गई है। इसी तरह देश के अंदर 2014 में 14 हजार किमी पाइपलाइन का विस्तार था। अभी 23 हजार किमी तक पाइपलाइन का विस्तार हो गया है और आने वाले समय इसे 34 हजार किमी तक ले जाने का प्लान है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here