चित्रकूट की राम कहानी ; जहाँ आकर सत्ता भी पदकंदुक बनकर रह गई थी!

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चित्रकूट की राम कहानी ; जहाँ आकर सत्ता भी पदकंदुक बनकर रह गई थी! -जयराम शुक्ल कामदगिरि की परिक्रमा और रामनाम के जाप के साथ नेता...

समस्त दुःखों की निवृत्ति का एकमात्र साधन योग

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समस्त दुःखों की निवृत्ति का एकमात्र साधन योग ~प्रियांशु सेठ आज की विकट सामाजिक परिस्थिति में वैदिक धर्म संस्कृति, सभ्यता, रीति-नीति, परम्पराएं आदि लुप्तप्राय: हो गयी...

राजा राम

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राजा राम ― अभिजीत सिंह 'भारत भूमि' पर 'पृथु' से लेकर 'हरिश्चंद्र', 'मान्धाता' और 'रघु' से लेकर 'श्रीकृष्ण' और 'युधिष्ठिर' तक जितने राजा हुये उनकी संख्या...

जनक सुता : जगज्जननी

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जनक सुता : जगज्जननी  ~मुदित अग्रवाल यह जनकसुता कौन हैं, जिस अग्नि की उपासना करते करते द्विजों का देह स्वेद से तर हो गया है और...

‘दीप’ हमारी सभ्यता और संस्कृति की अलौकिकता का प्रतीक है

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‘दीप’ हमारी सभ्यता और संस्कृति की अलौकिकता का प्रतीक है ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारतीय धर्म-दर्शन में दीप का अपना अलग महत्व है। हमारे त्यौहार , दैनन्दिनी,...

मार्च में मालामाल कर देंगे मंगल

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मार्च में कैसी रहेगी ग्रहों की चाल ,देखिए किसका बदलेगा हाल बुध ग्रह उदय और मार्गी : वर्तमान समय में बुध ग्रह का गोचर कुंभ राशि...

सवा लाख से एक लड़ाऊँ ; चमकौर को याद करने के दिन

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सवा लाख से एक लड़ाऊँ ; चमकौर को याद करने के दिन ~विजय मनोहर तिवारी अंग्रेजी कैलेंडर में दिसंबर का महीना भारत के संघर्षपूर्ण इतिहास की...

विक्रमादित्य व शालिवाहन : भारतीय परंपरा के दो अस्पष्ट किरदार व उनके संवत् 

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विक्रमादित्य व शालिवाहन : भारतीय परंपरा के दो अस्पष्ट किरदार व उनके संवत्  ~कृष्णकांत पाठक  भारतीय परंपरा में वर्ष का बदलाव होने को है। भारतीय परंपरा...
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