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खेतों की मिट्टी में सल्फर, जिंक व पोटाश की कमी

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भोपाल । फसलों के उत्पादन में अब तक सात कृषि कर्मण अवार्ड पा चुके मप्र के खेतों की मिट्टी में सल्फर, जिंक और पोटाश की मात्रा कम होती जा रही है। इससे खेतों की उर्वरता घट रही है। इसका सबसे अधिक असल दलहनी फसलों के उत्पादन पर पड़ रहा है। कृषि विभाग के अनुसार, मालवा, निमाड़, ग्वालियर, चंबल और महाकौशल क्षेत्र की मिट्टी सबसे अधिक प्रभावित हुई है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि रबी व खरीफ सीजन की फसलों की पैदावार में पिछड़ रहे जिलों की कृषि भूमि को जल्द ही पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं हुई तो 2022 तक फसलों की पैदावार दोगुना करने का अभियान सफल नहीं हो पाएगा। इसका सीधा असर किसान की सालाना आय पर देखने को मिलेगा। इसकी वजह है कि वर्ष 2018 के बाद से ही केंद्र सरकार ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को बंद कर दिया। किसान अपने खेतों की मिट्टी की जांच नहीं करा पा रहे। इससे उन्हें पता ही नहीं चल पा रहा कि उनके खेतों की मिट्टी में कौन-कौन से पोषक तत्वों की कमी बढ़ रही है। इसके लिए केन्द्र सरकार को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को उसके मूलस्वरूप में फिर से जिंदा करने की जरूरत होगी।

कमी पूरी करने में कम रुचि

कृषि विभाग के सूत्रों का कहना है कि मालवा को छोड़कर अन्य क्षेत्रों के किसान खेती में पोटाश तत्व की कमी पूरी करने में कम रुचि लेते हैं। यही कारण है कि फसलों में कीटव्याधि समस्या अधिक देखने को मिलती है। ग्वालियर-चंबल अंचल में किसान गेहूं, सरसों व बाजरा की फसल बहुतायत संख्या में करते हैं। इन सभी फसलों में यूरिया का उपयोग बहुतायत संख्या में होता है। किसानों के बीच यह भी धारणा है कि उर्वरक के अधिक उपयोग से उसका उत्पादन बढ़ेगा। लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि उर्वरक का अधिक उपयोग मिट्टी के पोषक तत्व तेजी से खत्म कर रहा है। दूसरी समस्या यह है कि किसानों के पास खेत की मिट्टी जांचने की सुविधा न होने से उन्हें पता ही नहीं चल पा रहा कि उनकी मिट्टी में कौन-कौन से पोषक तत्व कम हैं और उसकी कमी पूरी करने के लिए वे क्या करें।

पोरसा व जौरा में जिंक तत्व भी कम मिले

जिंक तत्व की कमी पोरसा व जौरा ब्लॉक में कम पाई गई है। जिंक की कमी के कारण पौधे छोटे रह जाते हैं। जिंक तत्व की कमी को 25 किलो प्रति हैक्टेयर कार्बनिक उर्वरक डालकर पूरा किया जा सकता है। जौरा इलाके के गांवों की जमीन में नाइट्रोजन तत्व 80 से 85 फीसदी कम पाया गया है। फॉस्फोरस तत्व भी लो टू मीडियम स्थिति में है।

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