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वैक्सीनेशन में लापरवाही | नर्स ने दूसरी नर्स को बिना वैक्सीन भरे ही लगा दी सिरिंज

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गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को नर्सों ने बनाया मजाक,जिला अस्पताल के वैक्सीनेशन सेंटर में हद दर्जे की लापरवाही आई सामने

सतना। प्रदेश सरकार ने बड़े तामझाम और प्रचार प्रसार के साथ गर्भवती महिलाओ की कोरोना से रक्षा के लिए टीकाकरण अभियान तो चलाया लेकिन वह अभियान सतना में मजाक बन कर रह गया। लापरवाही ऐसी कि जिला अस्पताल के वैक्सीनेशन सेंटर में एक नर्स ने दूसरी नर्स को ही बिना दवा के खाली सिरिंज ठोक दी। जिस नर्स का वैक्सीनेशन हुआ वो गर्भवती थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुक्रवार को गर्भवती महिलाओं के लिए कोविड टीकाकरण अभियान का शुभारंभ जिला अस्पताल में मजाक बन कर रह गया। शुभारंभ के लिए तैयारियां तो खूब की गई थीं लेकिन मजाक और लापरवाही ने तैयारियों को हैरानी में बदल दिया। जिला अस्पताल में अभियान की शुरुआत दो गर्भवती महिला नर्सों के वैक्सीनेशन के साथ होनी थी। इसके लिए दो नर्सों के नाम तय किये गए थे। पहला टीका सीता रावत नाम की नर्स को लगना था लिहाजा जब वह पहुंची तो वैक्सीनेटर ने एमपुल से सिरिंज में दवा भरे बगैर ही उसकी बाहों में निडिल खोंस दी। जिस वक्त यह सब हो रहा था मीडिया कर्मी भी वहां मौजूद थे लिहाजा नजारा कैमरों में भी कैद हो गया। हालांकि जब वैक्सीनेटर को गलती का एहसास हुआ तो उसने दोबारा सिरिंज में दवा ( वैक्सीन) भर कर भी गर्भवती नर्स को टीका लगाया। कहा तो यह भी जाता है वैक्सीनेशन के दौरान फोटो सेशन के फैशन ने भी इस लापरवाही में बड़ी भूमिका निभाई।

बताया जाता है कि गर्भवती नर्स को कोविड टीका के नाम पर खाली सिरिंज ठोक देने की गंभीर लापरवाही कर वैक्सीनेशन ड्यूटी में तैनात नर्सों ने खामोशी की चादर ओढ़ ली। कुछ देर में ही वहां स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विजय आरख भी पहुंचे लेकिन उन्हें भनक तक नही लगने दी गई। हालांकि सिविल सर्जन डॉ रेखा त्रिपाठी वहां मौजूद थी। सब कुछ मीडिया कर्मियों के सामने हुआ लेकिन अभी इस मामले में किसी पर कोई एक्शन नही लिया गया है।

वरना मिटाए न मिटती कालिख 

गनीमत रही कि टीकाकरण कराने वाली नर्स की तबियत नही बिगड़ी वरना टीकाकरण में यह मजाक और लापरवाही इस कदर भारी पड़ती कि जिले पर लगने वाली कालिख मिटाए न मिटती। जानकार बताते है कि खाली सिरिंज लगाने से स्थिति खतरनाक हो सकती है। कई बार हवा के बुलबुले सिरिंज के जरिये शरीर मे प्रवेश कर जाते हैं जो जानलेवा भी हो सकते हैं। नर्स गर्भवती भी थी ऐसे में रिस्क फैक्टर और भी बढ़ सकता था।

 

 

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