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पुराने चेहरे ही संभालेंगे सतना में कांग्रेस की कमान:चुनाव के लिए यथावत रखे गए दोनों अध्यक्ष, टीम कमलनाथ में भी शामिल किए गए 5 नेता

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सतना में कांग्रेस की कमान अभी और कुछ वर्षों तक पुराने चेहरे ही संभालेंगे। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने प्रदेश स्तर पर हुए संगठनात्मक बदलाव के बीच सतना के अध्यक्ष नहीं बदले हैं। साथ ही स्टेट लेवल टीम में भी सतना को तवज्जो देते हुए संतुलन बनाने का प्रयास किया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश भर के जिलों में कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति नए सिरे से की है। इसमें कई चेहरे बदले भी गए हैं लेकिन सतना इस बदलाव से अछूता ही रखा गया है। सतना में इस बार भी ग्रामीण जिलाध्यक्ष के तौर पर जहां दिलीप मिश्रा को यथावत रखा गया है वहीं शहर अध्यक्ष के पद पर एडवोकेट मकसूद अहमद को ही रिपीट किया गया है।

हालांकि तमाम अटकलें पिछले काफी समय से लगाई जा रही थीं कि सतना में संगठनात्मक बदलाव होगा और इस बार किन्हीं नए चेहरों को कमान सौंपी जाएगी। बदलाव की मांग कई बार पार्टी की बैठकों और संगठन के पर्यवेक्षकों- प्रभारियों के सामने भी उठती रही है। लेकिन पीसीसी चीफ कमलनाथ ने उन तमाम मांगों- अटकलों और असंतोष के सुरों को सिरे से खारिज करते हुए अपने पुराने चेहरों पर ही विश्वास जताया है।

स्टेट टीम में भी कई चेहरे

चुनावी वर्ष में नाथ ने सतना में गुटों में बंटी कांग्रेस के टुकड़ों को जोड़ने की भी कोशिश की है। स्टेट लेवल टीम में विन्ध्य की कांग्रेसी सियासत के क्षत्रप माने जाने वाले अजय सिंह राहुल और डॉ राजेन्द्र कुमार सिंह के नाम भले नजर नही आए लेकिन उनके समर्थकों को नाथ ने तरजीह दी है। मैहर नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके धर्मेश घई प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष बनाए गए हैं।

राहुल समर्थक पूर्व महापौर राजाराम त्रिपाठी और लोकसभा प्रत्याशी रह चुके पूर्व स्पीकर सुधीर सिंह तोमर को जनरल सेक्रेटरी बनाया गया है। डॉ राजेन्द्र सिंह के समर्थक माने जाने वाले पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेन्द्र मिश्रा को भी महासचिव बनाया गया है। इसके अलावा देवदत्त सोनी भी जनरल सेक्रेटरी नियुक्त हुए हैं।

चुनावी वर्ष में सामने आई नाथ की चुनावी लिहाज की इस टीम के सामने सतना कांग्रेस में व्याप्त गुटबाजी को खत्म करने की बड़ी चुनौती भी होगी।टीम इसमे कितनी कारगर होगी ,इस पर सभी की निगाहें हैं।बता दें कि सतना में कांग्रेसी गुटबाजी का आलम तो यह है कि पीसीसी चीफ कमलनाथ की सभाओ में भी कई चेहरे नजर नहीं आते हैं।

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