चंद रुपयों के लालच में एक मां ने आशिक के हाथों अपनी ही बेटी को बेचा

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पुरानी मोहब्बत और रुपयों के लालच ने एक मां को इस कदर गिराया कि उसने ऐसी हरकत कर डाली जिसने ममता को शर्मसार कर दिया। उसने चंद रुपयों के लिए अपने पुराने आशिक के हाथों अपनी मासूम बेटी बेच डाली। लेकिन गुनाह ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सका और पुलिस आशिक तक जा पहुंची। जब सच सामने आया तो पुलिस भी हैरान रह गई। मां और उसके आशिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मामला एक 7 वर्षीय लड़की के अपहरण से जुड़ा है। गत 15 दिसंबर को बच्ची उचेहरा के बउली चौराहे से अचानक लापता हो गई थी। वह अपने पिता के साथ मैहर से ट्रेन पर सवार होकर उचेहरा आई थी जहां से उसे अपने गांव जाना था। बउली चौराहे के पास पहुंचने पर बालिका को प्यास लगी तो उनके साथ ही मैहर से ट्रेन में आया एक शख्स बालिका को पानी पिलाने के बहाने ले गया था। घटना की शिकायत उचेहरा थाना में दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज भी लगे थे जिसमें एक व्यक्ति बालिका को अपने साथ ले जाते हुए नजर आया था।

पुलिस हुलिए के आधार पर उस शख्स की तलाश कर रही थी। इसी बीच 5 जनवरी को बालिका मैहर रेलवे स्टेशन पर मिल गई। पुलिस ने जब बालिका से पूछताछ की तो उसने जो जानकारी दी उसके आधार पर उचेहरा पुलिस ने रामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मतहा में दबिश देकर संजय कोल उर्फ जिग्गीलाल पिता सुखलाल कोल (50) निवासी मतहा को गिरफ्तार कर लिया। संजय कोल ने पूछताछ में जो बताया पुलिस भी उससे हैरान हो गई। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग की मां को भी बंदी बना लिया।

मां ने पैसे लेकर कराया बेटी को अगवा
पुलिस के मुताबिक संजय ने पूछताछ में बताया मासूम बालिका का अपहरण उसकी मां के कहने पर ही किया गया था। मां ने इसके लिए संजय से इसके लिए 5 हजार रुपए महीने का सौदा तय किया था और कुछ रुपए अपनी बेटी अगवा कराने के पहले ही ले भी लिए थे। संजय ने बताया कि नाबालिग के ननिहाल में उसकी रिश्तेदारी थी।

आने जाने के दौरान उसकी मां से उसकी नजदीकियां हुईं
संजय के घर कोई बेटी नहीं थी जबकि उसकी प्रेमिका (नाबालिग की मां) की चार बेटियां थीं। संजय हमेशा उससे एक बेटी देने को कहता था ताकि उसके घर पर भी कोई कामधाम करने वाला हो जाए। इस बीच गत 14 दिसंबर को दोनों की मुलाकात हुई तो उसने फिर बेटी देने को कहा। उसने इसके एवज में खर्च के लिए हर महीने 5 हजार रुपए देने का ऑफर भी दिया। यह सुनकर बालिका की मां लालच में आ गई और उसने कुछ रकम एडवांस में लेकर संजय को अपनी बेटी का अपहरण कर लेने की योजना समझा दी। उसने संजय को बताया कि 15 दिसंबर को उसका पति छोटी बेटी को लेकर मैहर से गांव आएगा। उसी बीच रास्ते मे वह बेटी को लेकर गायब हो जाए।

मैहर से करता रहा पीछा
प्रेमिका की बताई योजना अनुसार संजय 15 दिसंबर को मैहर स्टेशन पहुंच गया और पिता के साथ गांव आ रही बालिका का पीछा करने लगा। उचेहरा के बउली चौराहा के पास बालिका को प्यास लगी तो वो पानी पिलाने के बहाने उसे अपने साथ लेकर रफू चक्कर हो गया।

डर के कारण स्टेशन पर छोड़ा
पुलिस ने बताया कि नाबालिग के अपहरण की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने जांच शुरू की तो कुछ सीसीटीवी फुटेज हाथ लगे। पुलिस ने उसमें दिखे हुलिए का आधार पर पोस्टर जारी करवाए। आसपास के जिलों के थानों के अलावा यूपी के थानों को भी जानकारी भेजी। पुलिस ने कई जगह छापेमारी भी की। यह खबर संजय के गांव मतहा तक भी पहुंची तो लोगों को उसके घर पर अनजान बालिका को देखकर शक हुआ। पड़ोस की एक महिला ने जब संजय को इसकी जानकारी दी और बताया कि वह जेल जा सकता है तो डर के कारण 5 जनवरी को वह मासूम को मैहर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 के बाहर छोड़ गया।

मासूम के अपहरण की गुत्थी सुलझाने वाली पुलिस टीम में इंस्पेक्टर सतीश मिश्रा, साइबर सेल प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजीत सिंह, सब इंस्पेक्टर आशीष धुर्वे, रूपेंद्र राजपूत, बेबी तरन्नुम, मोतीलाल रावत, प्रीतम सिंह, एएसआई दीपेश पटेल, प्रधान आरक्षक रविशंकर दुबे, संदीप तिवारी, प्रवीण तिवारी, असलेंद्र सिंह, वीपेंद्र मिश्रा, आरक्षक महीप तिवारी, कार्तिकेश्वर पांडेय, निखिल यादव, संदीप सिंह परिहार, सुशील द्विवेदी, महिला आरक्षक ज्योतिमा सिंह शामिल रहे।

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