Home देश

भारत को ही बनाना चाहते थे पाकिस्तान लेकिन विफल हो गई योजना

257
0

यूपी में हिन्दू – मुस्लिम के डीएनए को एक बता चुके संघ प्रमुख ने दिया नया बयान बोले – जानबूझ कर बढ़ाई गई थी हिन्दुस्तान की आबादी

नई दिल्ली, एजेंसी । यूपी के गाजियाबाद में हिन्दू और मुस्लिम के डीएनए (DNA) को एक बता चुके संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत ने 16 दिन बाद असम पहुंचकर मुस्लिमों और पाकिस्तान पर एक नया बयान दे दिया है। उन्होंने कहा है कि योजना तो भारत को ही पाकिस्तान बनाने की थी लेकिन वह सफल नहीं हुई नतीजतन विभाजन हो गया।

दो दिन के असम दौरे पर पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि हिंदुस्तान में 1930 से योजनाबद्ध तरीके से मुस्लिमों की संख्या बढ़ाई गई। उन्होंने कहा कि भारत में बंगाल, असम और सिंध को भी पाकिस्तान बनाने की योजना थी। ये योजना पूरी तरह कामयाब नहीं हुई, पर विभाजन होकर पाकिस्तान बन गया।संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत ने गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा की मौजूदगी में NRC-CAA पर लिखी एक पुस्तक का विमोचन किया।

हम भी रखते रहेंगे मुस्लिमों का ध्यान

संघ प्रमुख ने CAA-NRC पर मुस्लिमों की आशंका दूर करने की कोशिश की। कहा- NRC-CAA को हिंदू-मुस्लिम विभाजन की तरह पेश किया जाना पॉलिटिकल साजिश है। ये राजनीतिक फायदा उठाने के लिए किया जा रहा है।
भागवत बोले कि आजादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि अल्पसंख्यकों का ध्यान रखा जाएगा और अब तक ऐसा किया गया है। हम भी ऐसा करते रहेंगे। CAA के चलते किसी मुस्लिम को नुकसान नहीं होगा। सिटिजनशिप एक्ट इसलिए लाया जा रहा है, ताकि पड़ोसी देशों में परेशान अल्पसंख्यकों को यातना से सुरक्षा दी जा सके। अगर बहुसंख्यक भी किसी डर के कारण हमारे देश में आना चाहते हैं तो हम उनकी भी मदद करेंगे।

संघ प्रमुख ने ये कहा था पहले

इससे पहले 4 जुलाई को भागवत ने एक किताब की लॉन्चिंग के दौरान कहा था, ‘यदि कोई हिंदू कहता है कि मुसलमान यहां नहीं रह सकता है, तो वह हिंदू नहीं है। गाय एक पवित्र जानवर है, लेकिन जो इसके नाम पर दूसरों को मार रहे हैं, वो हिंदुत्व के खिलाफ हैं। ऐसे मामलों में कानून को अपना काम करना चाहिए। सभी भारतीयों का DNA एक है, चाहे वो किसी भी धर्म का हो।’

दिग्गी और ओवैसी ने की थी टिप्पणी

हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा था, ‘RSS के भागवत ने कहा कि लिंचिंग करने वाले हिंदुत्व विरोधी हैं। इन अपराधियों को गाय और भैंस में फर्क नहीं पता होगा, लेकिन कत्ल करने के लिए जुनैद, अखलाक, पहलू, रकबर, अलीमुद्दीन के नाम ही काफी थे। ये नफरत हिंदुत्व की देन है।’
दिग्विजय सिंह ने भी भागवत के बयान पर टिप्पणी की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘मोहन भागवत जी यह विचार क्या आप अपने शिष्यों, प्रचारकों, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं को भी देंगे? क्या यह शिक्षा आप मोदी-शाह जी और भाजपाई मुख्यमंत्रियों को भी देंगे?’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here