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मप्र से राज्यसभा सीट अजा वर्ग को ही देने का दबाव

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भोपाल । मध्य प्रदेश से राज्यसभा के एक स्थान के लिए लामबंदी प्रारंभ हो गई है। राज्य सभा की यह एक सीट थावरचंद गहलोत के इस्तीफे से रिक्त हुई है। चूं‎कि यह सीट अनुसूचित जाति वर्ग के थावरचंद गेहलोत ने खाली की है इस‎लिए पार्टी नेताओं का दबाव है कि यह सीट अजा वर्ग से ही भरी जाए। इस सीट के ‎लिए भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य को प्रबल दावेदार माना जा रहा है। आर्य पहले मप्र की शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में वे हार गए थे। इसके अलावा भी भाजपा के कई बड़े दावेदार राज्यसभा सीट की दौड़ में हैं। फिलहाल जिन नेताओं को राज्यसभा के लिए होने वाले उप चुनाव में टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, उनमें भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, प्रदेश प्रवक्ता अर्चना चिटनीस सहित कई अन्य शामिल हैं। इधर, सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार में जिन नेताओं को मंत्री बनाया गया है, उनमें से कुछ लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्य नहीं हैं। हो सकता है कि ऐसे ही किसी बाहरी नेता को पार्टी की ओर से प्रत्याशी बनाया जाए। मध्य प्रदेश से राज्यसभा के एक स्थान के लिए उपचुनाव चार अक्टूबर को होना है। जिसके लिए निर्वाचन आयोग 15 सितंबर को चुनाव की अधिसूचना जारी कर नामांकन का सिलसिला प्रारंभ कर देगा।

नामांकन की अंतिम तारीख 22 सितंबर निर्धारित की गई है। आवेदन पत्रों की जांच 23 सितंबर को होगी। 27 सितंबर तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। चार अक्टूबर को सुबह नौ बजे से चार बजे तक मतदान होगा। इसके बाद पांच बजे से मतगणना प्रारंभ होगी और परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। चुनाव में 227 विधायक हिस्सा लेंेगे। दलीय स्थिति के अनुसार राज्यसभा का यह स्थान भाजपा के खाते में जाना तय है। पार्टी के विधानसभा में 125 सदस्य हैं, जो बहुमत से अधिक हैं। इस बारे में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा का कहना है ‎कि राज्यसभा के लिए होने वाले उपचुनाव में प्रत्याशी का चयन केंद्रीय संगठन करेगा।

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