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हज यात्रा को लेकर निजी टूर ऑपरेटर की याचिका खारिज

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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अल इस्लाम टूर कॉरपोरेशन द्वारा दायर उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें वर्ष 2022 में हज के लिए निजी टूर ऑपरेटर के रूप में विचार करने की मांग की गई थी। जस्टिस अब्दुल नजीर और नरसिम्हा की पीठ ने अल इस्लाम टूर कॉरपोरेशन की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस लेने की मांग की और संबंधित उच्च न्यायालय में जाने की स्वतंत्रता मांगी।

शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को कानून में उपलब्ध किसी भी अन्य उपाय के तहत मामला आगे ले जाने की स्वतंत्रता दी। न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा कि इसी तरह की याचिकाएं अदालत पहले भी खारिज कर चुकी है और इस स्तर पर कोई राहत नहीं दी सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को एक महीने पहले आना चाहिए था। शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की याचिका सुनने योग्य हो सकती है, लेकिन इस स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं की जा सकती क्योंकि इस स्तर पर सब कुछ फिर से करना पड़ेगा।

सुनवाई के दौरान जस्टिस नजीर ने कहा कि “पहले की याचिकाएं हमने खारिज कर दी हैं। हज कार्यक्रम शुरू हो चुका है। हमारे पिछले आदेश पढ़िए। अब हज के लिए कितना समय बचा है? कम से कम आपको एक महीने पहले आना चाहिए था।” याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा, “सूची तैयार है, घोषित नहीं। कृपया विचार करें। यह हमारे (बिजनेस के लिए) सर्वाइवल का सवाल है।”

न्यायमूर्ति नजीर ने कहा, “हम हज 2022 के लिए कोई आदेश पारित करने के इच्छुक नहीं हैं, उन पर अगले साल विचार कर सकते हैं। इस स्तर पर कुछ भी नहीं किया जा सकता है। इसे रमजान के दौरान बहुत पहले किया जाना चाहिए था।” पीठ ने सुझाव दिया कि याचिकाकर्ता उपयुक्त अधिकारियों से संपर्क करने के लिए याचिका वापस ले सकता है।

यचिकाकर्ता के वकील ने कहा, “मेरा बिजनेस कैसे चलेगा? यह मेरे सर्वाइवल का सवाल है।” इस पर बेंच ने कहा, “हमने इसी तरह की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। आपके पास योग्यता हो सकती है, लेकिन नहीं इस स्तर पर ऐसा नहीं किया जा सकता है। इस स्तर पर सब कुछ फिर से काम करना होगा।”

याचिकाकर्ता निजी टूर ऑपरेटर के तौर पर हज, उमराह, जियात्रात का टूर कराता है। इसने दलील दी कि हज-2022 के लिए पंजीकरण और हज कोटे के आवंटन के लिए उसके आवेदन पत्र की स्वीकृति उनके ऑनलाइन आवेदन के बाद भी और भारतीय हज समिति के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी योग्य मानदंडों को पूरा करने के बाद भी रोक दी गई है।

 

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