सतना में जल्दी ही पावर कट की समस्याएं होगी खत्म, अदालतों, न्यायाधीशों के निवास और सरकारी अफसरों के बंगलों को पावर कट से मिलेगी निजात

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सतना की अदालतों, न्यायाधीशों के निवास और जिले के आला सरकारी अफसरों के बंगलो में जल्दी ही पावर कट की प्रॉब्लम खत्म हो जाएगी। मध्य प्रदेश पूर्वी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस समस्या के समाधान के लिए न केवल स्थायी विकल्प तलाश लिया है बल्कि उस पर काम भी शुरू कर दिया है। कंपनी यहां सवा 2 करोड़ रुपए से अधिक लागत का एक नया विद्युत सब स्टेशन बनाने जा रही है।

न्यायालय के अलावा कलेक्टर-एसपी बंगला समेत सिविल लाइन- मास्टर प्लान के वीआईपी एरिया को सेप्रेट बिजली देने के लिए सवा दो करोड़ से अधिक लागत का 33/11 केवी का सब स्टेशन बनाया जा रहा है। इसका काम शुरु भी कर दिया गया है। न्यायालय के इस फीडर से दूसरे कोई कनेक्शन नहीं होंगे।

निकालेंगे चार फीडर

सिविल लाइन में कोठी रोड से मुख्त्यारगंज रेलवे फाटक को जाने वाली रोड के कोने में ही 33/11 केवी का सब स्टेशन बनना शुरू हो गया है। लगभग दो माह में यह विद्युत उपकेंद्र बनकर तैयार हो जाएगा। यहां से चार फीडर निकलेंगे जिनसे सप्लाई उन क्षेत्रों में दी जाएगी जहां लो-वॉल्टेज और पावर कट की समस्या लगातार बनी रहती है। सबसे पहले जिला न्यायालय के लिए एक सेप्रेट फीडर निकलेगा जिसमें दूसरे कोई कनेक्शन नहीं होंगे।

11 केवी से 200 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाकर केवल न्यायालय को ही बिजली दी जाएगी। उसके बाद सिविल लाइन नाम से एक अलग फीडर होगा जिसमें न्यायाधीशों और कलेक्टर-एसपी के अलावा अन्य सरकारी आला अफसरों व कालोनी के लिए सप्लाई होगी। गढिया टोला व राजेंद्र नगर के लिए भी एक-एक 11 केवी फीडर जाएंगे। राजेंद्र नगर के लिए सिविल लाइन स्थित पुलिस हेलमेट तिराहे के पीछे से लाइन जाएगी।

इंटर कनेक्ट रहेगा फीडर

सिविल लाइन के इस सब स्टेशन को अति आवश्यक सेवा से जोड़ा जाएगा। इसे 33 केवी के दो फीडर से कनेक्ट किये जाने के अलावा इसमें इंटर कनेक्ट सप्लाई होगी। अधीक्षण अभियंता जीडी त्रिपाठी के अनुसार यह विद्युत उपकेंद्र न्यायालय के लिहाज से है इसलिए 33 केवी के 2 फीडर से जुड़ा होगा और बैकअप सप्लाई के इंतजाम भी रहेगें।

सहायक अभियंता कुलदीप मिश्रा ने बताया कि कोलगवां व कमल स्पंज वाली 33 केवी लाइन को टैप कर सिविल लाइन सब सटेशन में बिजली दी जाएगी। जिससे एक फीडर फाल्ट होने पर दूसरे से सप्लाई बहाल हो। इंटर कनेक्ट होने के कारण सितपुरा ,पतेरी या फिर सोनौरा 132 केवी पावर सब स्टेशन से भी आवश्यकता पड़ने पर बैकअप सप्लाई मिलेगी।

अतिक्रमण की चपेट में थी जमीन

राजस्व ने बिजली कंपनी को इस सब स्टेशन के निर्माण के लिए जो जमीन आवंटित की थी,वह अतिक्रमण की चपेट में थी। पूर्व में इसे अतिक्रमण मुक्त कराया गया था लेकिन फिर भी अतिक्रमणकारी बाज नहीं आए। बताया जाता है कि जब बिजली कंपनी के अफसर यहां काम शुरू कराने पहुंचे तो कई गुमटियां रखी मिलीं। जिन्हें स्थानीय पार्षद अभिषेक तिवारी के साथ खुद अधीक्षण अभियंता जीडी त्रिपाठी ने मौके पर खड़े रह कर हटवाया तब काम शुरू कराया जा सका।

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