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satna: पहले कराया हरे दरख्तों का कत्ल फिर चोरी कर ली तालाब की मेड़

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satna : first killed green trees then stole the weir of the pond
file photo

स्मार्ट सिटी सतना में एक और तालाब पर संकट, मेड़ चोरी
सोनौरा में भू माफिया ने अंजाम दिया कारनामा, जांच करने टीम सहित पहुंचे एडीएम

सतना। सतना शहर की सरकारी जमीनों और जलाशयों को हड़पने की हर मुमकिन कोशिशों को अंजाम देने पर उतारू भू माफिया ने शहर के एक और तालाब की मेड़ चोरी कर ली है। माफिया का यह कारनामा चर्चा में आने के बाद एडीएम खुद जांच करने टीम लेकर पहुंचे। हालांकि मातहतों के जवाब ने उन्हें भी अवाक कर दिया है। यह चोरी स्मार्ट सिटी सतना के एबीडी एरिया के पास ही हुई है।

जानकारी के अनुसार सतना स्मार्ट सिटी एरिया से जुड़े सोनौरा क्षेत्र में डीपीएस स्कूल के पास स्थित एक पुराने तालाब की मेड़ चोरी हो गई है। तालाब की लगभग 70 फुट मेड़ को खोद कर उसका नामोनिशान मिटा दिया गया है। तालाब की मेड़ गायब होने का मामला चर्चा में आया और प्रशासन को खबर लगी तो एडीएम राजेश शाही और तहसीलदार बीके मिश्रा बुधवार को मौका मुआयना करने पहुंचे। एडीएम ने भी निरीक्षण के दौरान पाया कि तालाब की मेड़ खोद डाली गई है। उन्होंने इस संबंध में पटवारी नीलम सिंह कुशवाहा से सवाल जवाब भी किये लेकिन यह काम किसका है इस पर पटवारी ने अनभिज्ञता जताते हुए गोल मोल जवाब दे दिया। पटवारी का कहना था कि उसने कल ही प्रतिवेदन दिया है लेकिन इतने विलंब से उसने प्रतिवेदन क्यों दिया ? इस सवाल का जवाब भी वह एडीएम को नही दे सका। उधर क्षेत्रीय लोगो की मानें तो डीपीएस की बाउंड्री से लगी जमीन पर कुछ लोगो ने प्लाटिंग की है। इसके लिए उन्होंने दर्जनों हरे भरे दरख्तों का भी बड़ी बेरहमी से कत्ल करा दिया था। प्लॉटिंग करने वालों में शहर के कुछ ऐसे सफ़ेद पोश शामिल हैं जिन्हे जमीनों का बड़ा खिलाड़ी माना जाता है। माना जा रहा है कि उन्ही लोगों ने तालाब की मेड़ हड़पने का खेल किया है।

जब रोक तब भी काम,राजस्व अमले की भूमिका भी संदिग्ध

गौरतलब है कि स्मार्ट सिटी का एबीडी एरिया होने के कारण सोनौरा क्षेत्र में जमीनों के क्रय विक्रय पर प्रशासन ने रोक लगा दी थी। लेकिन प्रतिबंध के उस दौर में भी डीपीएस की बाउंड्री से लगी आराजी में प्लाटिंग के लिहाज से पेड़ो की कटाई, लेवलिंग का काम चल रहा था। लेकिन तब प्लाटिंग की सड़क के पूर्व तरफ स्थित तालाब की मेड़ सुरक्षित थी।हालांकि बाद में कलेक्टर ने क्रय – विक्रय पर लगी रोक हटा दी। क्षेत्रीय लोगो के मुताबिक यहां शहर के कुछ सफेद पोश भू माफिया सक्रिय हैं। प्लाटिंग भी वही कर रहे थे और तालाब की मेड़ चुराने का कारनामा भी उन्ही का हो सकता है। क्षेत्रीय लोग और शहर के जमीन कारोबार से जुड़े लोग बताते हैं कि यह खेल अकेले माफिया का नहीं है,इसमें राजस्व के मैदानी अमले की भी भागीदारी है। इस मामले में हलका पटवारी की भूमिका भी संदेह के दायरे में बताई जाती है।

इनका कहना है

सोनौरा में डीपीएस के पास तालाब की मेड खोदी और काटी गई है। स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वहां पास में ही प्लाटिंग भी की गई है। इस मामले में तहसीलदार ने नोटिस जारी किया है। पटवारी से भी जवाब तलब किया गया है। पटवारी ने विलम्ब से प्रतिवेदन क्यों दिया ,यह भी बड़ा गंभीर प्रश्न है। जांच करा कर आवश्यक कार्यवाही शीघ्र करने के निर्देश तहसीलदार को दिए गए हैं।

राजेश शाही,एडीएम सतना

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