जबलपुर। सावन के दूसरे सोमवार पर संस्कारधानी जबलपुर में आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। मौका था मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी ‘संस्कार कांवड़ यात्रा’ का, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद शिरकत की। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ कांवड़ उठाई, बल्कि डमरू बजाकर और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाकर शिव भक्तों का जोश भी दोगुना कर दिया।
मां नर्मदा के तट से शुरू हुई 35 किलोमीटर की पदयात्रा
मां नर्मदा के पवित्र तट गौरीघाट से शुरू हुई इस ऐतिहासिक कावड़ यात्रा में लाखों की संख्या में कांवड़िए शामिल हुए। इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि सभी शिव भक्तों ने एक हाथ में मां नर्मदा का पवित्र जल और दूसरे हाथ में एक पौधा लेकर पर्यावरण संरक्षण का भी अनोखा संदेश दिया। यह विशाल कांवड़ यात्रा गौरीघाट से चलकर करीब 35 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने के बाद अपने गंतव्य तक पहुंची।
दिग्गजों का लगा तांता, हुई पुष्पवर्षा
इस ऐतिहासिक आयोजन में मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’, विधायक अशोक रोहाणी सहित तमाम स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क पर पैदल चल रहे कांवड़ियों का फूलों की वर्षा कर स्वागत किया और उनका हौसला बढ़ाया।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है सरकार: सीएम मोहन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को सावन माह की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार राज्य में धार्मिक पर्यटन को लगातार बढ़ावा देने का काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य हमारी प्राचीन संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक धरोहरों को सहेजते हुए उनका विकास करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति से जुड़ी रहें।
सावन के इस पावन पर्व पर जबलपुर की सड़कों पर निकला शिव भक्तों का सैलाब और मुख्यमंत्री की सहभागिता ने इस आयोजन को और भी ऐतिहासिक बना दिया। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।