जबलपुर। राजनीति और संगीत का जब मिलन होता है, तो कई बार अनकही दास्तानें और सियासी कसक मंच से ही बयां हो जाती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा जबलपुर के मानस भवन में आयोजित ‘अग्निबाण’ के किशोर कुमार नाइट्स कार्यक्रम के दौरान देखने को मिला। नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ पार्षद कमलेश अग्रवाल ने मंच पर ऐसा समां बांधा कि वहां मौजूद दिग्गज नेता भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। उनके इस अंदाज ने एक बार फिर 2023 के विधानसभा चुनाव की सियासी यादों को ताजा कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान जब कमलेश अग्रवाल को माइक मिला, तो उन्होंने संगीत के बहाने अपने दिल का हाल बयां किया। उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा, “संगीत एक शानदार थेरेपी है। जब कभी भी मानसिक तनाव हो, तब गीत गुनगुना लें या सुन लें, तो अच्छा लगता है। मैं भी 20 साल से परेशान टाइप का हूं और आज सोने पर सुहागा इसलिए है क्योंकि पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के साथ सांसद आशीष दुबे और विधायक अभिलाष पांडे भी मौजूद हैं।” उन्होंने आगे मजाकिया लहजे में कहा कि उन्होंने कभी स्टूडियो में संगीत नहीं सीखा, मन में जो आया गा लिया, इसलिए गाने के पहले ताली बजा दीजिए, क्योंकि उन्हें मालूम है कि गाने के बाद ताली नहीं बजेगी।
जब मंच पर ताजा हुई 2023 की टिकट की यादें…
कमलेश अग्रवाल ने जैसे ही माइक थामा और अपना दर्द सुरों में पिरोना शुरू किया, तो पूरा माहौल खुशनुमा और राजनीतिक चर्चाओं से घिर गया। दरअसल, यह पूरा किस्सा साल 2023 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। उस दौरान उत्तर मध्य विधानसभा सीट से टिकट की मांग करने वालों में पार्षद कमलेश अग्रवाल का नाम सबसे आगे चल रहा था। राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी उन पर भरोसा जताएगी, लेकिन आखिरी वक्त में समीकरण बदले और टिकट विधायक अभिलाष पांडे की झोली में चली गई। जब इतने दिनों बाद वही सारे नेता एक ही मंच पर आमने-सामने आए, तो कमलेश अग्रवाल ने इस सियासी टीस को हल्के-फुल्के और मजाकिया अंदाज में सबके सामने रख दिया।
गाने के दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री ने विधायक की ओर कर दिया इशारा….
कमलेश अग्रवाल ने जैसे ही दर्द से भरा और फिल्मी अंदाज वाला गाना गाया, वैसे ही महफिल में बैठे दिग्गजों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने सुर मिलाए…
“यह मेरे दर्द की कहानी है… मेरे सीने में सिर्फ… ओ… मेरे सीने में सिर्फ शोले हैं, मेरी आंखों में सिर्फ पानी है।” “कभी बेकसी ने मारा, कभी बेबसी ने मारा… गिला मौत से नहीं, मुझे जिंदगी ने मारा…”
इस गाने को सुनते ही मंच पर बैठे पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह और सांसद आशीष दुबे अपनी हंसी रोक नहीं पाए और जमकर ठहाके लगाए। खास बात यह रही कि गाना गाते वक्त मंत्री राकेश सिंह ने मुस्कुराते हुए उत्तर मध्य विधायक अभिलाष पांडे की ओर इशारा कर दिया। जिन्होंने इशारे में बहुत कुछ कह दिया। यह नजारा दो से तीन बार देखा गया, जिसके बाद विधायक अभिलाष पांडे भी दोनों हाथ जोड़कर हंसते नजर आए। हालांकि, अभिलाष पांडे ने भी इस पूरे वाकये का भरपूर आनंद लिया और ताली बजाकर उनका समर्थन किया। इस दौरान मंच पर भाजपा अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, जीडीए अध्यक्ष संदीप जैन और कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन भी मौजूद थे, जो ठहाके मारकर लोटपोट हो गए।
इतने सारे लोगों के बीच गाने में होती है दहशत
गाना खत्म करने के बाद कमलेश अग्रवाल ने हंसते हुए चुटकी ली कि अगर गाना अच्छा लगा हो तो ताली जरूर बजा देना, क्योंकि इतने सारे लोगों के सामने गाने में थोड़ी दहशत लगती है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि कुछ दिन पहले ही कांवड़ यात्रा में नारे लगाने की वजह से उनका गला खराब हो गया था, लेकिन “यह सब हमारे लिए बहाना होता है।” उनकी इस बात पर भी दर्शकों और नेताओं के बीच जोरदार हंसी गूंज उठी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, यूजर्स ने लिए मजे
जैसे ही कमलेश अग्रवाल का यह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ, वह आग की तरह वायरल हो गया। जनता ने भी इस वीडियो पर जमकर प्रतिक्रिया दी और इशारों-इशारों में बहुत कुछ कह दिया।
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एक यूजर ने लिखा, “बस सच कह गए, एकदम शानदार!”
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दूसरे यूजर ने मजे लेते हुए लिखा, “आप अकेले नहीं हो मार खाने में भैया, हमारे साथ और भी हैं।”
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किसी ने इसे सटीक निशाना बताया तो किसी ने लिखा, “चाचा, आप जब विधायक बनोगे तो मैं आपके लिए एक गाना जरूर गाऊंगा।”
बहरहाल कार्यक्रम ने भले ही संगीत की महफिल सजाई हो, लेकिन जबलपुर की सियासत के गलियारों में इस अनोखे अंदाज की चर्चा अब हर जुबान पर है।










