जबलपुर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज अपने एक दिवसीय दौरे पर संस्कारधानी जबलपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शहर के विकास को लेकर दो सबसे बड़े ऐलान करते हुए कहा कि जबलपुर को एक वर्ष के भीतर मेट्रोपोलिटन सिटी बनाया जाएगा और मेडिकल यूनिवर्सिटी को एम्स (AIIMS) के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि भविष्य में यह शहर का बेहतरीन मॉडल बन सके।
इसके साथ ही शहर के विकास को नई रफ्तार देते हुए गीता भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 362.31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ‘अमृत 1.0’ सीवेज परियोजना का लोकार्पण किया। साथ ही शहरवासियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस एक नई मॉडर्न लॉन्ड्री और गुरंदी क्षेत्र में 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक पक्के मत्स्य बाजार की सौगात भी मिली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के पात्र हितग्राहियों को अपने हाथों से डिजिटल कार्ड प्रदान किए, ताकि उन्हें वित्तीय रूप से और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

11 लाख पौधों का ऐतिहासिक पौधरोपण
रानी दुर्गावती की पावन नगरी जबलपुर में आज पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा और ऐतिहासिक दिन रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश भर में चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत, देश के 25 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य में मध्य प्रदेश भी बढ़-चढ़कर योगदान दे रहा है।
मियावाकी पद्धति से लगाए गए पौधे
इसी कड़ी में आज जबलपुर में 11 लाख पौधों का ऐतिहासिक पौधरोपण किया गया, जिससे हरित प्रदेश के संकल्प को नई ऊर्जा मिली है। खास बात यह है कि कम समय में सघन और समृद्ध हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए मियावाकी पद्धति का विशेष रूप से उपयोग किया जा रहा है।








